


कुदरत ने सनम तुमको क्या शोख अदा दी हैं
जुल्फों मैं दिए जादू आंखों मैं हया दी हैं
आलम हैं जवानी का उस पर नज़र ये कातिल रहो मैं तडपता हूं जरा देख तो ले संघ दिल
फूल सितारों से तेरी मांग सजा दूंगा तेरी चद्ती जवानी का मैं सजदा उतारूंगा
तुजहे चूम लू मैं दिलवर यही रब से दुआ दी हैं
कुदरत ने सनम तुमको क्या शोख अदा दी हैं
तू जान मेरी बन जा दुनिया से छुपा दूंगा
ओह मौसम के मेरे हमदम दोनों को दुआ दी हैं
कुदरत ने सनम तुमको क्या शोख अदा दी हैं
आसिक को सनम अपने ये कैसी सजा दी हैं
